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Ayodhya: SP को दी गलत जांच रिपोर्ट... चला अभियान, CMO ऑफिस के पास ही चल रही थीं चार अवैध पैथोलॉजी, की गईं सील

Sat, 29 Nov 2025 06:38 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

अयोध्या में एसपी को गलत जांच रिपोर्ट मिली, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान चलाया। सीएमओ ऑफिस के पास ही चार अवैध पैथोलॉजी चलते मिलीं। उन्हें सील कर दिया गया है। इससे संचालकों में अफरातफरी है। 
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दर्शननगर स्थित स्कंद पैथोलॉजी को सील करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। - फोटो : सीएमओ
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विस्तार
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यूपी के अयोध्या में मेडिकल कॉलेज और सीएमओ ऑफिस के बगल में लंबे समय से चल रहीं चार पैथोलॉजी शनिवार को सील कर दी गईं। निरीक्षण के समय किसी का पंजीकरण नहीं मिला। कोई अधिकृत स्टाफ भी मौजूद नहीं रहा। जबकि, काफी संख्या में खून जांच के लिए इकट्ठा किए नमूने पाए गए।

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शहर के सिविल लाइन स्थित लाल पैथलैब में एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी की भ्रामक जांच रिपोर्ट देने के बाद सीएमओ ने सभी पैथोलॉजी का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए चार टीम गठित की गई हैं। शनिवार की सुबह एसीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित एक टीम ने सीएमओ कार्यालय और मेडिकल कॉलेज के आसपास से ही अभियान की शुरुआत की।

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इन पैथोलॉजी को किया गया सील

टीम ने सबसे पहले सीएमओ कार्यालय रोड स्थित ग्लोब पैथोलॉजी पर छापा मारा। यहां संचालक सुशील कुमार उपस्थित मिले। खून जांच के लिए नमूना एकत्र किया गया था। जांच मशीन स्थापित थी, लेकिन लैब का पंजीकरण व नवीनीकरण नहीं था। कुशल एलटी व अन्य स्टाफ नहीं मिले। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित ओम पैथोलॉजी की जांच की गई। यहां भी कोई कुशल स्टाफ नहीं मिला। नमूने और मशीनें उपलब्ध रहीं।

यहीं स्थित स्कंद पैथोलॉजी की जांच की गई। संचालक राधेश्याम पांडेय मौजूद थे, लेकिन पंजीकरण व नवीनीकरण से संबंधित कागजात नहीं दिखा सके। यहां भी खून जांच के लिए नमूना लिया गया था। लेकिन, जांच करने वाला कोई कुशल कर्मचारी मौजूद नहीं था।
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वीडियोग्राफी कराते हुए लैब सील कर दी

तीनों केंद्रों को सील करके टीम मां डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। यहां टीम को आता देखकर संचालक भाग निकला। लगभग 100 की संख्या में नमूने एकत्र मिले। मशीनें स्थापित थीं, लेकिन लैब का पंजीकरण नहीं था। मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं भी नहीं थीं। संचालक न होने के कारण वीडियोग्राफी कराते हुए लैब सील कर दी गई।

सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि किसी भी केंद्र पर कोई डॉक्टर या लैब टेक्नीशियन नहीं मिले। संचालकों ने वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। सभी को सील कर दिया गया है। संचालकों को सील से छेड़छाड़ न करने निर्देश दिए गए हैं। आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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