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Ayodhya News: पूर्व राष्ट्रपति ने रामलला के दरबार में लगाई हाजिरी, बिताए डेढ़ घंटे

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रामलला का दर्शन करते  पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।-संवाद
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अयोध्या। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अयोध्या प्रवास के दूसरे दिन रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। सुबह 6:15 बजे मंगला आरती में शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे रामलला के दरबार में रहे। कुबेर टीला को भी देखा। पक्षीराज जटायु की प्रतिमा को निहारा। कुबेर टीला पर स्थापित कुबेरेश्वर महादेव के मंदिर में अभिषेक-पूजन भी किया।
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राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उन्हें मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी। ट्रस्ट की ओर से उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति ने अपने परिवार व राष्ट्रपति भवन से आए अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ कनक भवन मंदिर में भी माथा टेका।

जैन मंदिर रायगंज में आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की भी पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता ज्ञानमती से आध्यात्मिक चर्चा भी की। इस दौरान कहा कि अयोध्या विश्व की सर्वश्रेष्ठ धार्मिक व आध्यात्मिक नगरी बनने जा रही है। यहां आने वाला हर व्यक्ति आत्मिक अनुभूति प्राप्त करता है। ज्ञान और ध्यान की यह धरती आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत है। माता ज्ञानमती ने चर्चा के अंतर्गत अहिंसा एवं शाकाहार पर बल देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में शाकाहार, सदाचार, व्यसन मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देना चाहिए।
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जैन मंदिर समिति के मंत्री विजय कुमार ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति का सम्मान जैन मंदिर के पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी ने प्रतीक चिह्न देकर किया। गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने जैन ग्रंथ प्रदान किया। आर्यिका चंदनामती माता ने पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद व पुत्री स्वाति कोविंद को जप माला प्रदान की। पूर्व राष्ट्रपति ने जैन समाज के रथ का भी उद्घाटन किया। इस दौरान अमरचंद जैन, ऋषभ जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, योगेश जैन मौजूद रहे।



ट्रेनों में बंद होना चाहिए मांसाहार : ज्ञानमती
माता ज्ञानमती ने कहा कि दिल्ली से अयोध्या व अन्य स्थानों से अयोध्या आने वाली ट्रेनों में मांसाहार बंद होना चाहिए। तीर्थयात्रा पर आने वाले यात्रियों को ट्रेन में सात्विक भोजन के अलावा तामसिक एवं मांसाहारी भोजन दिया जाता है, इस पर रोक लगनी चाहिए। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति ने ज्ञानमती माता का समर्थन किया।
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