अयोध्या। दीपोत्सव में पहली बार 151 वर्ष पुरानी साहबगंज रामलीला का मंचन होगा। मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के समक्ष प्रस्तुति देंगे। दसवें दीपोत्सव में विदेशी रामलीलाओं के साथ स्थानीय रामलीला को भी वैश्विक मंच मिलेगा।
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मुख्यमंत्री की अपेक्षा पर स्थानीय रामलीलाओं का अवलोकन कर साहबगंज रामलीला का चयन किया गया। अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने इसे अयोध्या की सबसे पुरानी रामलीला बताया।
केंद्रीय रामलीला कमेटी के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि यह साहबगंज रामलीला का 151वां वर्ष है। अयोध्या शहर में दशहरे के दौरान करीब 200 स्थानों पर रामलीला का मंचन होता है। यह पहल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देगी और कलाकारों को विशिष्ट अतिथियों के सामने अवसर मिलेगा।