रुदौली/शुजागंज। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से रुदौली तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.02 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 29 सेंटीमीटर अधिक है। नदी का पानी अब बंधे तक पहुंच गया है। सात गांव पानी से घिर गए हैं।
कैथी माझां, पटरंगा माझां सराय नासिर, मुझेना, महंगू पुरवा, अब्बुपुर, सल्लाहपुर और कैथी गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के आने-जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पांच नावों की व्यवस्था की है। मरौचा माझां, पटरंगा माझां और कैथी माझां में ग्रामीणों के लिए सरकारी नावें लगाई गई हैं। खेतों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। एसडीएम विनोद गुप्ता और सीओ अरविंद सोनकर ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कैथी में ग्रामीणों को सतर्क करते हुए नदी किनारे न जाने और सुरक्षित रहने को कहा। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट, दवाएं और पशुओं के लिए भूसा वितरित कर रहा है। मेडिकल टीम भी तैनात है।
सहाराबाग में फिर बनाया गया राहत कैंप
सोहावल। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ गया है। इससे मांझा कला गांव में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है। प्रशासन ने सहारा बाग में नया राहत कैंप स्थापित किया है। यहां बाढ़ पीड़ितों को दोनों समय भोजन के पैकेट बांटे जा रहे हैं। पिछले माह भी गांव बाढ़ की चपेट में था। तब प्रशासन ने राहत कैंप हटा लिए थे। इस बार भी फसलें पानी में डूब गई हैं। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया, बाढ़ के हालात बनते ही राहत कैंप शुरू कर दिया गया है। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की निगरानी में राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं।