अयोध्या। बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चलाने के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त को पांच साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश प्रेम प्रकाश ने बुधवार को सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक बाराबंकी जिले के बड्डूपुर क्षेत्र के खिझना स्थित यादव मेडिकल स्टोर की जांच छह फरवरी, 2013 को की गई थी। तत्कालीन औषधि निरीक्षक गणेश चंद श्रीवास्तव की जांच में दुकान पर विश्वनाथ यादव मिले। दवाओं के बेचने के संबंध में लाइसेंस मांगा गया तो उन्होंने लाइसेंस घर पर होने का दावा किया। दुकान पर मिस ब्रांड दवा मिली। एक सप्ताह में लाइसेंस दिखाने का समय दिया गया था। औषधियों के नमूने जांच में मिथ्या छाप मिले। औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट पर औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अंतर्गत थाना महमूदाबाद के पिपरहिया निवासी विश्वनाथ यादव पर मुकदमा चला।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने के मामले में तीन वर्ष के साधारण कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना व मिस ब्रांड की दवा बेचने के मामले में दो साल के साधारण कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाया है। सभी सजा अलग-अलग चलेंगी।