1-जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मरीजों का इलाज करते फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी।-संवाद
अयोध्या। जिले में इस बार वायरल फीवर का वैरियंट बदला नजर आ रहा है। इसकी चपेट में आए लोग तेज बुखार के साथ गले में दर्द, खराश आदि से पीड़ित हो रहे हैं। यह संक्रमण 15 दिन तक लोगों की क्लास ले रहा है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ऐसे ही रोगियों की भरमार है।
पिछले काफी समय से दिन का तापमान अधिक रहता था और रात में मौसम में नमी रहती है। देर रात तक बाहर रहने वालों या खुले आसमान के नीचे सोने वाले इसी सर्द-गर्म के शिकार हो रहे हैं। इसकी चपेट में आए लोगों में तीव्र से थोड़ा कम बुखार आ रहा है। साथ ही गले में दर्द, खराश, खांसी, नाक बहने जैसे लक्षण दिख रहे हैं। कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण देखकर लोग डर रहे हैं।
हमारी टीम ने सोमवार को जिला अस्पताल की मेडिसिन व मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी का जायजा लिया तो ऐसे रोगियों का तांता देखा गया। जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में सुबह 11:30 बजे तक 74 मरीज देखे जा चुके थे। इनमें लगभग 40% मरीज इन्हीं समस्याओं से पीड़ित बताए गए। वहीं, मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी में दोपहर 12 बजे तक 88 मरीज देखे गए थे, जिनमें लगभग 30% मरीजाें के गले में दर्द और खराश जैसी समस्या बताई गई।
बोले विशेषज्ञ...
ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. साकेत गुप्ता ने बताया कि इस बार फ्लू का वैरियंट एच-3एन-2 जैसा लग रहा है। इसमें लगभग 15 दिन तक लोग बुखार की चपेट में रहते हैं। इससे बचने के लिए कोरोना जैसे मानकों का पालन करना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। दिक्कत होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
वहीं, जिला अस्पताल के फिजिशयन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि वायरल बुखार की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़ी है। गले में समस्या बढ़ने पर रोगियों को ईएनटी विभाग भेजा जाता है। आमजन से अपील है कि खुले आसमान के नीचे लेटने से बचें, साफ और स्वच्छ भोजन करें, कोरोना जैसे मानकों का पालन करें। संक्रमित होने पर घबराएं नहीं, बल्कि चिकित्सक से संपर्क करें।