बीकापुर। इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध लंबा खिंचने पर बीकापुर क्षेत्र के कुछ परिवारों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के माध्यम से लोग इस्राइल में काम करने गए हैं जिनकी सुरक्षित वापसी के लिए परिवार के लोग बेहाल हैं। हालांकि इस्राइल से वीडियो कॉल से सब कुछ ठीक होने की बात होती है फिर भी परिवार के लोग परेशान हैं।क्षेत्र के पूरे नंदा तिवारी असकरनपुर निवासी प्रमोद चौहान (32) और फूलचंद चौहान (36) करीब एक साल पहले राजगीर मिस्त्री के रूप में इस्राइल गए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से उनके परिजन सुबह शाम वीडियो कॉल करके संपर्क कर रहे हैं। प्रमोद और फूलचंद चौहान वर्तमान में तेल अबीब में काम कर रहे हैं।
प्रमोद के पिता शोभाराम चौहान उत्तराखंड में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। गांव में रह रहीं प्रमोद की मां सावित्री देवी, पत्नी साधना, भाई और परिवार के लोग चिंतित है। साधना ने बताया कि फोन से रोज बातचीत होती है। उन्होंने भारतीय दूतावास से भी घर भेजने के लिए संपर्क किया है। वहां पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन फिर भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। फूलचंद चौहान के माता-पिता, पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। पिता गंगाराम दिहाडी मजदूर हैं। माता खेमा देवी बीमार चल रही है। माता-पिता के अलावा बच्चे और पत्नी तारा देवी भी फूलचंद की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
गांव के प्रधान के प्रतिनिधि अजय तिवारी ने बताया कि वीडियो कॉल के जरिए दोनों लोगों से उनकी मोबाइल से बातचीत होती है। बताया है कि मोबाइल पर मैसेज आने और सायरन बजने पर बंकर में जाना पड़ता है। जहां पर वह है पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। बताया कि विदेश मंत्रालय और पीएमओ को ट्वीट करके इस्राइल गए लोगों को सुरक्षित वापस घर लाने की मांग की गई है।