अयोध्या। बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर मंगलवार को रामनगरी में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु सरयू घाटों पर स्नान के लिए उमड़ पड़े। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन किया।
इस दौरान सिद्धपीठ हनुमान गढ़ी सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का क्रम देर रात शयन आरती तक चलता रहा।
बुढ़वा मंगल के अवसर पर मतगजेंद्र मंदिर में परंपरागत मेले का भी आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मतगजेंद्र भगवान के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में भगवान की भव्य झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन प्राचीन काल में विक्रमादित्य ने मतगजेंद्र मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। तभी से इस अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और मेले की परंपरा चली आ रही है।