अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में शीघ्र ही आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं बेहतर होंगी। इसके लिए 110 बेड का इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर जून तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसे आधुनिक चिकित्सीय उपकरणों से लैस करके एक ही छत के नीचे गंभीर रोगियों को सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के 200 बेड के नए भवन में भूतल पर ट्रॉमा सेंटर संचालित किया जा रहा है। गंभीर रोगियों को यहां भर्ती तो किया जाता है, लेकिन सीटी स्कैन जांच के लिए उन्हें 200 बेड के पुराने भवन जाना होता है। इस भवन में रैंप न होने से भी मरीजों को पांचवें तल तक बने अलग-अलग वार्डों में शिफ्ट करने, डॉक्टरों के राउंड लेने आदि में दिक्कतें आ रही हैं। राम मंदिर बनने के बाद से यहां श्रद्धालु भी अक्सर बीमार होकर या दुर्घटना के शिकार होकर पहुंचते हैं।
रोगियों के बेहतर इलाज और सुविधाओं के लिए नवंबर 2023 में 110 बेड के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर का निर्माण शुरू हुआ। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को 18 माह में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया था। फरवरी में चौथी किस्त का भुगतान विलंब से होने के कारण निर्माण में कुछ विलंब हुआ, फिर भी फिनिशिंग स्तर पर कार्य चल रहा है। रंगरोगन के बाद इसे मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि निर्माणाधीन भवन में 50 बेड का इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर और 60 बेड का इमरजेंसी मेडिसिन बेड होगा। इसमें सभी संसाधनों से युक्त आईसीयू और ओटी बनेगी। किसी भी तरह के गंभीर मरीजों के पहुंचने पर उनकी एक ही छत के नीचे सभी जांच हो सकेगी। हाइटेक अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई, बेसिक पैथोलॉजी समेत अन्य आवश्यक सेवाएं मिलेंगी। आधुनिक उपकरणों की सूची तैयार की गई है।