अयोध्या। जिले में अब हर घर तक बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए आरडीएसएस योजना के तहत केंद्र सरकार ने विद्युतीकरण विहीन सभी मजरे और घरों का सर्वे किया जा रहा है। ऐसे मकानों को निर्धारित समयावधि में चिह्नित करके सूचीबद्ध करने का आदेश हुआ है।
पिछले कई वर्षों में जिले के अलग-अलग इलाकों का विस्तार हुआ है। आबादी बढ़ने पर लोगों ने खेत-खलिहानों व गांव से बाहर विभिन्न स्थानों पर मकान बनवाए हैं। लोग जीवनयापन तो शुरू कर दिए, लेकिन बहुत जगहों पर बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच सका। कई जगहों पर लोग जुगाड़ से बांस-बल्ली के सहारे केबल खींचकर बिजली जला रहे हैं।
आरडीएसएस योजना के तहत बीते वर्ष जिले के ऐसे 405 मजरों के 3,558 घरों तक बिजली पहुंचाने की कवायद हुई थी। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से स्वीकृति मिलने पर यहां विद्युतीकरण का कार्य हो रहा है। अब अगले चरण में शेष मजरे और मकानों का सर्वे शुरू किया जा रहा है। 16 अक्तूबर को पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी ने इस आशय का पत्र जारी किया है।
इसके अनुसार पूरे प्रदेश में विद्युतीकरण विहीन मजरों और आवासों को चिह्नित किया जाना है। इसमें कहा गया कि ऐसे मजरों को विशेष रूप से चिह्नित करना है, जिनमें न्यूनतम पांच या उससे अधिक घर निर्मित हों। इनमें एचटी व एलटी लाइन, वितरण परिवर्तक आदि शामिल करके डीपीआर तैयार किया जाए। योजना से लाभान्वित होने वाले उपभोक्ताओं का नाम, पिता का नाम, पता आदि विवरण सूचीबद्ध किया जाए।
पूर्व में विद्युतीकरण के लिए जिन मजरों और मकानों से संबंधित शिकायतें मिली हों, उन्हें भी सर्वे में शामिल किया जाए। इसमें स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों का भी फीडबैक लिया जाए। बिजली निगम के पीएमए गौरव गुप्ता ने बताया कि सर्वे सूची निर्धारित प्रारूप पर 31 अक्तूबर तक भेजने का निर्देश दिया गया है।