अयोध्या। दुष्कर्म करने सहित कई गंभीर अपराधों के आरोपी फरहान व उसके परिवार के सात लोगों को सबूत के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया गया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम निरुपमा विक्रम ने सुनाया। घटना अक्टूबर 2020 की है। अंबेडकर नगर निवासी युवती अपनी माता के साथ थाना गोसाईगंज क्षेत्र में रहती थी।
फरहान से मोबाइल के जरिए बातचीत से जान पहचान हो गई। फरहान ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाया। अपनी माता के साथ जब वह ऊंचे गांव रूहियावा गोसाईगंज स्थिति फरहान के घर गई और शादी की बात किया तो फरहान व उसके घर वालों ने शादी करने से मना कर दिया। जान से मारने की धमकी व गालियां देते हुए घर से भगा दिया।
पीड़िता की तहरीर पर फरहान फैजी, सलमान, गुफरान, हिदायतुन्निशा, सुल्ताना, रोजी, इशरत व शाहिद के विरुद्ध दुष्कर्म व धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया।
घटना के संबंध में पीड़िता ने कोर्ट में परस्पर विरोधाभासी बयान दिया और आरोपी फरहान को अपना पति बताया। मेडिकल रिपोर्ट में भी पीड़िता के साथ जोर जबरदस्ती की पुष्टि नहीं हुई। न्यायाधीश ने संदेह का लाभ देते हुए सबूत के अभाव में सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।