अयोध्या। सात सितंबर यानी रविवार को लगने वाले चंद्र ग्रहण का असर राम नगरी पर भी देखने को मिलेगा। राम नगरी के मठ-मंदिरों में दोपहर बाद श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं मिल पाएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से बताया गया है कि चंद्र ग्रहण के कारण रविवार दोपहर 12:30 बजे से रामलला के दर्शन बंद हो जाएंगे। ग्रहण की समाप्ति के बाद आठ सितंबर की सुबह 6:30 बजे राम मंदिर पुन: खुलेगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 बजे से ही लग जाएगा। इसी वजह से अयोध्या के समस्त मठ-मंदिरों के कपाट दोपहर की आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास के अनुसार सूतक काल में देव प्रतिमाओं का स्पर्श और पूजन वर्जित है। यही कारण है कि रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल आदि सभी प्रमुख मंदिरों में दोपहर से ही श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। सूतक काल समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट शुद्धिकरण और विशेष-पूजा अर्चना के उपरांत ही खोले जाएंगे। वहीं चंद्र ग्रहण की पूर्व संध्या पर शनिवार को रामलला के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
इनसेट
चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण का स्पर्श रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगा। ग्रहण का मध्य काल रात 11:42 पर होगा जबकि 01:27 बजे मोक्ष यानी ग्रहण काल की समाप्ति होगी। ग्रहण पूरे देश में दृश्य होगा।
पास वालों को अगले दिन दर्शन की सुविधा
एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं ने रविवार दोपहर एक बजे से लेकर रात नौ बजे के बीच के स्लॉट का ऑनलाइन पास पहले बनवा लिया है, वह सात सितंबर को दर्शन करने न आएं, मंदिर बंद होने की वजह से उन्हें दर्शन नहीं मिल पाएगा। निर्धारित स्लॉट पर ही वीआईपी पास धारकों को आठ अगस्त को दर्शन कराने का निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट की सहमति से लिया गया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि चंद्र ग्रहण के चलते रविवार को दोपहर 12:30 बजे राम मंदिर बंद हो जाएगा। अगले दिन सुबह से पूर्व की भांति मंदिर में दर्शन होंगे। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे निर्धारित समय से पहले दर्शन कर लें और ग्रहण काल में धार्मिक नियमों का पालन करते हुए घर पर ही पूजा-अर्चना करें। रविवार सुबह 11 बजे के बाद से सभी वीआईपी दर्शन व आरती पास भी निरस्त होंगे।