39-प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर रामंदिर मेंं की गई सजावट।-संवाद
अयोध्या। ध्वजारोहण समारोह के साक्षी बनने आ रहे अति विशिष्ट अतिथियों में शामिल दानदाताओं को भी वीवीआईपी प्रोटोकॉल दिया जाएगा। हालांकि, अब तक मंदिर ट्रस्ट ने पुलिस को इनकी सूची तो नहीं सौंपी है, लेकिन लगभग 80 की संख्या में दानदाताओं को प्रोटोकॉल देने की तैयारी की जा चुकी है।
राम मंदिर में ध्वज पताका फहराने के ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के लिए लगभग सात हजार मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत देश के कई संत-महंत, उद्योगपतियों के अलावा मंदिर ट्रस्ट में दान देने वाले लगभग 80 लोग भी शामिल हैं। अब तक इन अतिथियों की सूची तो सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन इनकी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सभी दानदाताओं व विशिष्टजनों के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल जारी हो गया है। इनमें शामिल सुरक्षाकर्मी उनके आगमन स्थल व ठहरने के स्थल से उन्हें रिसीव करके आयोजन स्थल तक पहुंचाएंगे। उनके अयोध्या में ठहरने की अवधि में उनके साथ साये की तरह रहेंगे। इसके लिए सुरक्षाकर्मियों की सूची तैयार करके उन्हें ड्यूटी आवंटित कर दी गई है।
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15 कंपनी पीएसी और पांच कंपनी आरएएफ तैनात
आयोजन को सकुशल निपटाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 15 कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा एक कंपनी बाढ़ राहत कंपनी और पांच कंपनी आरएएफ भी तैनात की जाएगी। वहीं, अन्य जोन से 14 पुलिस अधीक्षक, 30 अपर पुलिस अधीक्षक, 90 सीओ की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत खाका तैयार किया गया है, जिसकी कई चरणों में समीक्षा की जा चुकी है। अन्य जोन से आए पुलिसकर्मियों को श्रद्धालु व आमजन से अच्छे व्यवहार का प्रशिक्षण किया गया है।