अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में तीन साल पहले से प्रस्तावित कैंसर संस्थान के मामले का डीएम ने संज्ञान लिया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उन्होंने प्राचार्य से जवाब मांगा है। प्राचार्य ने डीएम को जवाब देकर नए सिरे से प्रस्ताव भिजवाने की जानकारी दी है।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022 से ही कैंसर संस्थान बनवाने की कवायद शुरू हुई थी। तत्कालीन सांसद लल्लू सिंह के प्रस्ताव पर शासन से इसके लिए जगह खोजकर प्रारंभिक एस्टीमेट मांगा गया था। कॉलेज परिसर में ही जगह चिह्नित करके 48.98 करोड़ रुपये का प्रारंभिक एस्टीमेट प्रस्तुत किया था। इसके बाद से ही वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति न मिल पाने से यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही गुम हो गया था।
21 दिसंबर को अमर उजाला ने 'फाइलों में खो गया रामनगरी का कैंसर संस्थान' शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। इस पर डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी थी। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने डीएम को भेजी आख्या में बताया कि रेडियोथेरेपी विभाग के सह आचार्य डॉ. धीरेंद्र सचान की देखरेख में कैंसर रोगियों की ओपीडी और कीमोथेरेपी की जा रही है। कैंसर संस्थान के लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसे दो-तीन दिन में ही शासन भेजने और इस पर युद्धस्तर पर कार्य करने का दावा किया गया है।