अयोध्या। थाना कैंट क्षेत्र के बनवीरपुर में घायल को अस्पताल लाते समय परिजनों को धमकाने व कार में टक्कर मारने के मामले में आरोपी चंदन त्रिपाठी को जिला जज की अदालत से जमानत मिल गई है।
अभियुक्त चंदन त्रिपाठी की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर अधिवक्ता संघ की ओर से नामित किए गए अध्यक्ष व मंत्री ने जमानत अर्जी पर बहस की। कहा कि घटना को मृतक के सगे भाई शैलेंद्र सिंह ने देखा और उन्हीं की तहरीर पर अर्पित दूबे व सुनील जायसवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। उस तहरीर में चंदन त्रिपाठी का कहीं नाम नहीं है। उसी रात 11 बजे गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में टीवी टावर के पास चंदन त्रिपाठी पर जान से मारने का प्रयास करने, इलाज में अवरोध पैदा करने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए एक दूसरी रिपोर्ट वैभव सिंह ने लिखाई। घटना के बाबत कोई मेडिकल नहीं दाखिल किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से अभियुक्त चंदन त्रिपाठी की जमानत अर्जी का विरोध किया गया। डीजीसी क्रिमिनल ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त का अपराध गंभीर प्रकृति का है। जमानत पर रिहा होने से जांच प्रभावित हो सकती है। जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने अधिवक्ताओं व अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनने के पश्चात आरोपी के जमानत का आधार पाते हुए जमानत अर्जी मंजूर कर लिया।