अयोध्या। फाल्गुन की अलसाई भोर जैसे ही जागी, रामनगरी हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार को पूरा नगर शिवमय हो गया। गलियों में गूंजते बम-बम भोले के स्वर, मंदिरों की घंटियों की अनुगूंज ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भीड़ नियंत्रण के लिए टेढ़ी बाजार से लता चौक तक चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा।
सर्वाथसिद्धि और अमृत सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज...शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। रविवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। भीड़ का सर्वाधिक दबाव नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में रहा। कोई गंगाजल लेकर आया, तो कोई दूध, बेलपत्र और धतूरा लेकर भोलेनाथ का अभिषेक करने को आतुर दिखा। भक्तों में जलाभिषेक की ऐसी होड़ रही कि मंदिर प्रांगण ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से बार-बार थर्रा उठता।
रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब तीन लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, डीआईजी सोमेन वर्मा, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा।
सुबह 3:30 बजे ही खुल गया नागेश्वरनाथ मंदिर
सर्वाधिक भीड़ सरयू के करीब स्थित पौराणिक महत्व की पीठ नागेश्वरनाथ मंदिर की ओर उमड़ी। मंदिर सुबह 3:30 बजे ही खोल दिय गया। यहां करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। एक से डेढ़ घंटे तक लाइन में लगने के बाद भक्तों को जलाभिषेक का मौका मिला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं को टुकड़ियों में प्रवेश दिया गया। दर्शन के लिए 14 कतारें बनाई गई थीं। नागेश्वरनाथ मंदिर से निकलने वाली भीड़ को दुर्गागंज मांझा व घाट के रास्ते बाहर किया गया।
क्षीरेश्वरनाथ में सजी नयनाभिराम झांकी
क्षरिश्वरनाथ मंदिर भी आस्था के केंद्र में रहा। यहां भोर से शुरू हुआ अभिषेक का सिलसिला देर शम तक चला। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर भोले की नयनाभिराम झांकी सजाए जाने के साथ देर शाम तक नागेश्वरनाथ मंदिर से निकलने वाली बरात का इंतजार होता रहा। पूरे मंदिर को तरह-तरह के फूलों से सजाया गया था। भोले बाबा की झांकी का दर्शन कर भक्त आह्लादित होते रहे। मंदिर समिति की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया।
शहर के अन्य शिवालय भी रहे आस्था के केंद्र
झारखंडेश्वरनाथ एवं विष्नेश्वरनाथ महादेव मंदिर भी आस्था का वाहक बना और यहां भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा। गुप्तारघाट के करीब स्थित अनादि पंचमुखी महादेव मंदिर में भी शिवरात्रि की उत्सव धर्मिता परिलक्षित हुई। रात्रि आठ बजे विशेष शृंगार और आरती के समय तक मंदिर की साज-सज्जा और संजीदगी से परिपूर्ण आस्था की इंद्रधनुषी छटा बिखरी। नाका हनुमानगढ़ी परिसर स्थित भास्करनाथ महादेव मंदिर में भी अभिषेक करने वालों का तांता लगा। राज सदन स्थित प्राचीन शिवालय में झांकी सजाई गई। राज परिवार के सदस्य यतींद्र मोहन मिश्र ने रुद्राभिषेक किया।
08- अंगद टीला परिसर में पार्थिव शिवलिंग पूजन करते विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह - सं
08- अंगद टीला परिसर में पार्थिव शिवलिंग पूजन करते विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह - सं
08- अंगद टीला परिसर में पार्थिव शिवलिंग पूजन करते विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह - सं
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