मिल्कीपुर/हनुमतनगर/बीकापुर/सोहावल। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन मिल्कीपुर से सोहावल तक बिजली व्यवस्था इस दावे की पोल खोल रही है। फॉल्ट, रोस्टिंग, शटडाउन और अघोषित कटौती के बीच ग्रामीणों को महज 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कई जगह यह आपूर्ति भी लगातार नहीं है। घंटों के ब्रेकडाउन और बार-बार ट्रिपिंग ने करीब 50 हजार ग्रामीणों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। किसानों की सिंचाई से लेकर घरों के चूल्हे तक बिजली संकट की मार झेल रहे हैं।
मिल्कीपुर के खड़भड़िया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली संकट सबसे ज्यादा गंभीर रहा। बृहस्पतिवार दोपहर गुल हुई बिजली शुक्रवार शाम तक नहीं लौट सकी। मरुई गणेशपुर, नरेंद्र भादा, गणेशपुर, चिलविली, पलिया प्रतापशाह और भिटारी समेत कई गांवों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहे। विद्युत वितरण खंड तृतीय मिल्कीपुर के अधिशासी अभियंता राजकुमार के अनुसार जेई और लाइनमैन फॉल्ट दुरुस्त करने में लगे थे। उन्होंने शुक्रवार शाम तक आपूर्ति बहाल होने की बात कही। शुक्रवार को कार्यभार संभालने वाले नवागत अधिशासी अभियंता ने निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता बताया।
रसूलाबाद में एक घंटे बिजली, फिर दो घंटे कटौती
हनुमतनगर में कटौती और ब्रेकडाउन का सिलसिला इस कदर रहा कि उपभोक्ताओं को बिजली आने से ज्यादा उसके जाने का समय याद रहा। रसूलाबाद उपकेंद्र से गुरुवार शाम पांच बजे कटौती शुरू हुई। छह बजे बिजली आई तो साढ़े छह बजे फिर दो घंटे के लिए बंद कर दी गई। साढ़े आठ बजे आपूर्ति लौटी और रात दस बजे फिर दो घंटे की कटौती हो गई। जेई अरविंद प्रजापति ने बताया कि दर्शननगर से आने वाली एचटी लाइन में फॉल्ट के कारण आपूर्ति बाधित हुई।
सिंचाई का संकट
बीकापुर में खेतों की सिंचाई के लिए किसान बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं तो घरेलू कामकाज के लिए महिलाओं को मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ रहा है। एसडीओ संदीप यादव के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से समस्या है और सप्लाई उपलब्ध होते ही आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जाता है। विरोध में सपा के दिव्यांग नेता पंडित समरजीत ने ग्रामीणों के साथ कैंडल जलाकर प्रदर्शन किया। उनके साथ मजदूर सभा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार निषाद, जय राम वर्मा और अवधेश कुमार रावत रहे।
सोहावल के 158 गांवों में बिजली व्यवस्था बेपटरी
सोहावल उपकेंद्र से जुड़े 11 फीडरों के करीब 158 राजस्व गांवों में आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। आरएल रेलवे, रौनाही, चिर्रा जगनपुर, मंगलसी, सुचितागंज, घाघरा नहर कैनाल, तहसील और गोड़वा समेत कई फीडर प्रभावित हैं। उप मंडलीय अभियंता अरशद अली का कहना है कि रोस्टिंग कोड लखनऊ मुख्यालय से आता है।