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Ayodhya News: प्रेम की चाहत ने पहुंचाया जेल, आजीवन कारावास की सजा

Thu, 11 Jun 2026 09:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। प्रेम की दीवानगी इस तरह दिमाग पर हावी हो गई कि यदि वह हमारा नहीं तो किसी और का बनने भी नहीं दूंगी। इसी मानसिकता से ग्रसित होकर विवाहित महिला ने एक नव युवक को घर बुलाकर चाय में जहर देकर हत्या कर दिया। जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने आरोपी महिला मानवती उर्फ चिरगना को आजीवन कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही 20000 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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जिला जज की अदालत में बृहस्पतिवार को सजा सुनाए जाने के बाद हत्या की दोषी महिला को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जेल भेज दिया गया।

वही घटना के सह आरोपी दोषी महिला के पति रामू को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया।

थाना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के राम नगर निवासी फूला देवी पत्नी प्रेम प्रकाश के मकान से सटा रामू पुत्र राम कुमार का भी मकान था। फूला देवी का 20 वर्षीय पुत्र दीपक मजदूरी करता था और उसी से घर का खर्चा चलता था। रामू की पत्नी मानवती उर्फ चिरगना का चाल चलन ठीक नहीं था जिसे फूला देवी अपने घर आने से रोकती थी। मानवती ने दीपक को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। इसी बात को लेकर फूला देवी व मानवती में विवाद हुआ। 13 मई 2017 को सुबह आठ बजे मानवती ने दीपक को अपने घर में बुलाया। आधे घंटे बाद दीपक उसके घर से लड़खड़ाते हुए निकला और बताया कि चक्कर आ रहा है और जी मचला रहा है। इलाज के लिए दीपक को बीकापुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
इलाज के लिए जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में दीपक ने बताया कि मानवती ने चाय के साथ दो टिकिया मिलाकर दिया था उसी के बाद से तबियत खराब हो गई। दीपक की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसी दिन 2:30 बजे मृत्यु हो गई। मृतक दीपक के विसरा की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए मृतक की मां दर दर भटकती रही लेकिन कही सुनवाई नहीं हुई।मजबूर होकर अदालत का सहारा लिया। 26 जुलाई 2017 को मृतक की मां फूला देवी ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र में रामू व उसकी पत्नी मानवती को आरोपी बनाया गया। न्यायालय के आदेश पर घटना की रिपोर्ट 15 दिसंबर 2017 को दर्ज की गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी कीट नाशक विष का होना पाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर मानवती को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाया।
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