अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच में आरोपितों के बीच हुई डिजिटल बातचीत ने कथित साजिश की कई कड़ियां जोड़ दी हैं। चोरी की घटना सामने आने के बाद आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दिए थे। करीब 30 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद फोरेंसिक टीम ने आठों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट चैट रिकवर किए। जांच में इन चैट के जरिये चढ़ावे की रकम निकालने, उसे छिपाने और आपस में बांटने से जुड़ी बातचीत सामने आने का दावा चार्जशीट में किया गया है। चार्जशीट में तीन हजार से अधिक टेक्स्ट मेसेज भी अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किए गए हैं।
चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। पुलिस के अनुसार अनुकल्प की उसके रिश्तेदार लवकुश मिश्रा और अविनाश शुक्ला से मेसेज के जरिये लगातार बातचीत होती थी। जांच में सामने आए संदेशों को पुलिस ने कथित साजिश की अहम डिजिटल कड़ी माना है।
चार्जशीट में दर्ज एक संदेश खासा महत्वपूर्ण है। लवकुश के संदेश के जवाब में अनुकल्प ने लिखा- “पहले खेल, फिर जेल और फिर होगी बेल।” पुलिस ने इस बातचीत को भी आरोपितों की कथित योजना और गिरफ्तारी के बाद जमानत को लेकर उनके भरोसे की कड़ी के रूप में आरोपपत्र में शामिल किया है। यानी कार्रवाई का अंदेशा होने के बावजूद आरोपितों के बीच गतिविधियां जारी रखने और बाद में जमानत मिलने की उम्मीद को लेकर बातचीत हुई।
अनुकल्प मिश्रा : मुख्य साजिशकर्ता का आरोप
चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा को पुलिस ने कथित तौर पर चढ़ावा चोरी का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। पुलिस के अनुसार वह दूसरे लोगों से चोरी करवाता था और चोरी के बाद रकम का बंटवारा जनौरा के पास एक बाग में किया जाता था। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि अनुकल्प ने अपने बहनोई लवकुश मिश्रा को मंदिर में नौकरी दिलवाई थी। पुलिस के मुताबिक फोन पर बातचीत से बचने के लिए आरोपित मैसेज के जरिये संपर्क करते थे। जांच के दौरान अनुकल्प के पास से 16.82 लाख रुपये नकद बरामद होने का भी चार्जशीट में उल्लेख है।
अविनाश शुक्ला : अनुकल्प से लगातार संपर्क और बड़ी नकदी बरामदगी
चार्जशीट में अविनाश शुक्ला को भी अनुकल्प मिश्रा के साथ लगातार संपर्क में रहने वाले आरोपियों में बताया गया है। अनुकल्प और अविनाश के बीच टेक्स्ट मेसेज के जरिये बातचीत होती थी और इस संवाद के तीन हजार से अधिक संदेशों को सर्विलांस सेल ने रिकवर किया। अविनाश के ठिकाने से 20.39 लाख रुपये नकद और 1,121 अमेरिकी डॉलर बरामद होने का उल्लेख चार्जशीट में किया गया है। इसके अलावा दो सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी जैसी धातु की वस्तु बरामद होने की जानकारी भी पुलिस दस्तावेजों के हवाले से सामने आई है।
लवकुश मिश्रा : नौकरी से लेकर कथित साजिश तक
चार्जशीट के मुताबिक लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा का बहनोई है और उसे कथित तौर पर अनुकल्प ने मंदिर में नौकरी दिलवाई थी। पुलिस ने अनुकल्प और लवकुश के बीच बड़ी संख्या में टेक्स्ट मैसेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। लवकुश के ठिकाने से करीब 14.25 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात भी पुलिस दस्तावेजों में कही गई है।