अयोध्या। रामनगरी में 2017 में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन हुआ था, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि दीपों का यह उत्सव एक दिन अयोध्या के आर्थिक और शहरी कायाकल्प का आधार बनेगा। 18 अक्तूबर 2017 को राम की पैड़ी पर 1.87 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर शुरू हुआ यह आयोजन धीरे-धीरे अयोध्या की वैश्विक पहचान बन गया। इसका असर अब शहर की सड़कों, परिवहन, आवास, व्यापार और रोजगार के अवसरों में दिखाई दे रहा है।
पहले आयोजन के बाद दीपोत्सव का लगातार विस्तार हुआ। विभिन्न देशों की रामलीलाओं और सांस्कृतिक दलों की भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। राम मंदिर निर्माण और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या के पर्यटन को नया आयाम मिला। देशभर से श्रद्धालुओं के साथ विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ी। वर्ष 2024 में 26,048 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और स्थानीय बाजार में कारोबार के अवसर बढ़े। पर्यटन की जरूरतों को देखते हुए शहर की कनेक्टिविटी भी मजबूत की गई। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से अयोध्या हवाई मार्ग से प्रमुख शहरों से जुड़ी। रेलवे कनेक्टिविटी में भी विस्तार हुआ। वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन से यहां पहुंचना आसान हुआ।
राम मंदिर तक पहुंचने वाले रामपथ, भक्तिपथ, धर्मपथ और श्रीराम जन्मभूमि पथ का चौड़ीकरण, पुनर्विकास और सुंदरीकरण किया गया। इन बदलावों ने अयोध्या के शहरी स्वरूप को नई पहचान दी है।
आतिथ्य उद्योग ने भी भरी रफ्तार
अयोध्या में पर्यटन बढ़ने का सबसे प्रत्यक्ष असर आतिथ्य उद्योग पर पड़ा है। रामनगरी में करीब 150 होटल, 50 धर्मशालाएं और लगभग 2500 होम स्टे व पेइंग गेस्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं। 50 से अधिक बड़े होटल प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। इनमें ताज, मैरियट, रेडिसन, ओबेरॉय, लीला और जिंजर जैसे ब्रांडों की परियोजनाएं शामिल बताई गई हैं।
जीडीपी में पर्यटन और सेवा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
अयोध्या में रोजगार के अवसर पांच गुना बढ़ने का दावा किया गया है। प्रदेश की जीडीपी में अयोध्या का योगदान करीब 1.5 प्रतिशत बताया गया है। नवंबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या की पर्यटन अर्थव्यवस्था सालाना 8,000 करोड़ से 12,500 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई। इसमें होटल, परिवहन, खुदरा कारोबार और सेवा क्षेत्र शामिल हैं। रिपोर्ट में 2028 तक इसके 18,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
साल दर साल बढ़ते रहे पर्यटक
| वर्ष | पर्यटकों की संख्या |
2017 1.78 करोड़
2018 1.95 करोड़
2019 2.05 करोड़
2020 61 लाख
2021 1.57 करोड़
2022 2.39 करोड़
2023 5.75 करोड़
2024 16.44 करोड़
2025 39.82 करोड़