अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा की पावन भोर ने जैसे ही अयोध्या की धरती को आलोकित किया, वैसे ही रामलला का दरबार श्रद्धा के सागर में डूब गया। तय समय से एक घंटा पहले सुबह छह बजे ही रामलला के दर्शन शुरू हो गए। दिन चढ़ने के साथ ही मंदिर में भीड़ बढ़ती गई। भीड़ नियंत्रण के लिए दर्शन व निकासी की कतार बढ़ानी पड़ी।
अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं में रामलला व राजाराम के दर्शन की ललक साफ दिख रही थी। बालक राम के दर्शन पाते ही चेहरे खिल उठे, मानो जीवन का सर्वाेच्च आनंद मिल गया हो। रामलला के दर्शन की आतुरता के चलते राम जन्मभूमि पथ पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु जुट गए थे। रामलला के दर्शन का समय सुबह सात बजे से निर्धारित है, लेकिन भीड़ देखते हुए मंदिर प्रशासन व ट्रस्ट ने एक घंटा पहले सुबह छह बजे से ही दर्शन शुरू करा दिया। सुबह छह बजे की आरती व दर्शन साथ-साथ चलता रहा।
वीआईपी दर्शन के सभी स्लाॅट सुबह 11 बजे तक ही फुल हो गए थे। देर शाम तक दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि सभी श्रद्धालु सुगमता पूर्वक दर्शन कर सकें, इसलिए कतारों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात कर दी गई। भीड़ नियंत्रण के लिए श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से बाहर निकाला गया। रात में भी दर्शन 9:30 बजे तक चलता रहा।
हनुमानगढ़ी में एक किलोमीटर लंबी लाइन
अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा पर रामनगरी में भीड़ का सर्वाधिक दबाव सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में रहा। दर्शन के लिए एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं पर प्रशासन की ओर से पुष्पवर्षा भी की गई। हनुमानगढ़ी से दशरथ महल की दूरी मात्र 100 मीटर व कनक भवन की दूरी 200 मीटर है लेकिन भीड़ के चलते 100 मीटर की दूरी तय करने में श्रद्धालुओं को 30 से 40 मिनट तक का समय लगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर सुबह तीन बजे से ही डटे हुए थे। यह कतार पूरे दिन लगी रही और तब तक नहीं टूटी जब तक मंदिर का पट बंद नहीं हो गया। एक श्रद्धालु को दर्शन करने में एक घंटे से अधिक का समय लगा।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
कार्तिक पूर्णिमा पर पड़ोसी देश नेपाल, फिजी, रूस समेत भारत के पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लाखों भक्त अयोध्या पहुंचे थे। श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान और पुण्य कमाया। दिल्ली के श्रद्धालु कुमार अग्रवाल ने बताया कि वे पिछले दो दिन से अयोध्या में हैं, कार्तिक स्नान के बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली लौटेंगे। राम मंदिर में दर्शन कर बहुत ही बेहतर अनुभव हुआ।
21-कार्तिक पूर्णिमा पर रामलला के दरबार में लगी श्रद्धालुओं की कतार- ट्रस्ट