अयोध्या। रामनगरी में मौसम ने सोमवार को ऐसी करवट बदली कि दिन में ही अंधेरा छा गया। सुबह लगभग 11 बजे अचानक आसमान घने काले बादलों से ढक गया और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि सड़कों पर चल रहे वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। तेज हवाओं और बारिश के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
अचानक छाए अंधेरे ने लोगों को हैरान कर दिया और बाजारों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदारों ने समय से पहले दुकानें बंद कर दीं, जबकि राहगीर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। बारिश का असर तापमान पर भी दिखा। पिछले 24 घंटे में दिन के तापमान में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात बाधित हुआ। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जहां पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिला और फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बिजली आपूर्ति भी कई इलाकों में प्रभावित रही, जिससे लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में आंधी व बारिश की संभावना व्यक्त की है।
बेमौसम बारिश से सब्जी किसानों को नुकसान
अयोध्या/ रानी बाजार। बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान जायद व आम की फसल को हुआ है। प्रगतिशील किसान राम सिंह मंगलसी कहते हैं लौकी, तुरई, करेला, टमाटर, खीरा आदि की खेती पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। आम की बागानों के मालिक मिर्ज़ा बेग, राम गनेश ने बताया कि आम की फसल भी तबाह हो गई। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की क्षति का आकलन कराया जा रहा है। वहीं रानीबाजार के
प्रगतिशील किसान रामगुलाम उपाध्याय ने बताया कि लौकी, भिंडी, लोबिया और कद्दू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव होने के कारण पौधों के सड़ने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।
डाल टूटने से छत की चादरें टूटीं
गौराघाट। बीकापुर तहसील क्षेत्र के गयासपुर में बेमौसम बारिश से कई घरों के टीन शेड उड़ गए और पेड़ों की डालियां घरों पर गिर गईं। गौरा निवासी ननकू राम निषाद के घर पर डाल टूटने से छत की चादरें टूट गईं, जिससे काफी नुकसान हुआ। गनीमत रही कि घटना के समय घर के लोग बाहर थे। गौराघाट दशरथपुर संपर्क मार्ग पर गौरा में सड़क के बीचो-बीच एक आम का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। यह पेड़ बिजली के तारों के साथ गिरा, जिससे रास्ता कई घंटों तक बंद रहा।
कई गांवों में बिजली आपूर्ति फिर से ठप
तारुन। बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। किसानों का कहना है कि इस बारिश से गन्ना और सब्जी की फसलों को बड़ी राहत मिलेगी। खेतों में नमी आने से जुताई करने में भी आसानी होगी। जिससे खेतों में आसानी से हरी खाद के लिए ढैचा के बीज की रोपाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर तेज हवा से जगह-जगह बिजली के पोल पहले से टूटे हुए थे, जिनकी मरम्मत का काम चल रहा था। अब कई गांवों में बिजली आपूर्ति फिर से ठप हो गई है।