राजा दशरथ की समाधि स्थली पर पूजन अर्चन करते श्रद्धालु।
अयोध्या। शनि अमावस्या पर राजा दशरथ की समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शनिदेव से कष्टों से मुक्ति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही परिसर में जय श्रीराम और जय शनिदेव के जयघोष गूंजते रहे। समाधि स्थल के महंत दिलीप दास ने बताया कि शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन राजा दशरथ समाधि स्थल पर दर्शन-पूजन करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनि दोष से पीड़ित व्यक्तियों के कष्टों में कमी आती है। महंत दिलीप दास ने बताया कि राजा दशरथ की ओर से शनिदेव को प्रसन्न करने की कथा इस स्थल से जुड़ी है। कलियुग में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है।