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Ayodhya News: कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला

Tue, 04 Nov 2025 08:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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16-कार्तिक पू​र्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुगण।-संवाद
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अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा स्नान से एक दिन पहले रामनगरी का हर घाट और हर गली आस्था की रोशनी में नहाई हुई है। सरयू तट पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। बुधवार को तड़के लगाई जाने वाली पवित्र डुबकी के लिए साधु-संतों से लेकर श्रद्धालु परिवारों तक में उत्साह चरम पर है।
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नयाघाट, रामघाट, लक्ष्मणघाट से लेकर गुप्तारघाट तक प्रशासन ने सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटों पर प्रकाश व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारू रखने के लिए यातायात प्रतिबंधित रहेगा, वहीं, भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। मठ-मंदिरों में पहले से ही विशेष आरती, कथा और दीपदान के कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। भक्ति रस में डूबी रामनगरी के वातावरण में हर तरफ राम नाम की ध्वनि गूंज रही है।

कार्तिक पूर्णिमा मेले का प्रमुख पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। स्नान के लिए नगर के मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। मुख्य पर्व की पूर्व संध्या पर सरयू के स्नान घाट से प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। ड्रोन के साथ ही सादी वर्दी में पुलिसकर्मी नजर रखे हुए हैं।
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कार्तिक पूर्णिमा मेला 14 कोसी परिक्रमा मेले के साथ चल रहा है। मेले के प्रमुख दो पर्व 14 कोसी व पंचकोसी परिक्रमा सकुशल संपन्न हो गई है। मेले का अंतिम पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। मेले में भीड़ के मद्देनजर मंगलवार को दूसरी बेला से ही यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है। श्रीराम अस्पताल से लता मंगेशकर चौक के बीच चार पहिया व बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

पूर्णिमा पर स्नान, व्रत व दान का महत्व
ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी बताते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा तिथि को पुराणों में स्नान, व्रत व दान की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। भगवान विष्णु का पहला अवतार इसी दिन हुआ था। इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर असुर का संहार किया था। इसी तरह सिख धर्म में कार्तिक पूर्णिमा को प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन गुरुनानक देव का जन्म हुआ था। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान व दीपदान का महत्व है। सरयू के घाटों पर दीपदान कर देव दीपावली भी मनाई जाएगी।

16-कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुगण।-संवाद

16-कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुगण।-संवाद

16-कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रामनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुगण।-संवाद

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