अयोध्या। रामलला के सूर्य तिलक व श्रीराम जन्मोत्सव के लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था की गई थी। देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु जन्मोत्सव व सूर्य तिलक के साक्षी बने। रामलला के दरबार से दूरदर्शन ने सुबह 11 से लेकर दोपहर 12:30 तक लाइव प्रसारण किया। जिला प्रशासन की ओर से 150 स्थानों पर एलईडी के जरिए लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन का दावा है विभिन्न सोशल प्लेटफार्मों से करोड़ों ने लोगों ने विभिन्न माध्यमों से श्रीराम जन्मोत्सव की भव्यता देखी है।
जो रामलला के दरबार तक नहीं पहुंच पाए, वे अपने स्थानों से अपने आराध्य के जन्मोत्सव की भव्यता देखकर भावविभोर दिखे। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास भी राम जन्मभूमि नहीं पहुंच सके। उन्होंने दूरदर्शन पर जन्मोत्सव का सजीव प्रसारण देखा। कहा कि रामलला के साथ करोड़ों रामभक्तों ने बहुत दर्द सहा है। युगों बाद एक बार फिर भगवान भास्कर ने राम जन्मोत्सव पर रामलला का अभिषेक किया है। आचार्य शिवेंद्र भी दूरदर्शन पर जन्मोत्सव के लाइव प्रसारण के साक्षी बने। कहा कि रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत क्षण को मोबाइल में कैद किया है। मन कह रहा है कि इस सुबह की कोई शाम न हो। राजीव त्रिपाठी बोेले कि पूरे परिवार के साथ रामलला के सूर्य तिलक का दर्शन किया है। कभी रामलला टेट में थे आज भव्य महल में उनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, हम सब साक्षी बनकर निहाल हैं।
दूरदर्शन पर सूर्य तिलक, अभिषेक व आरती के लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही थी। दूरदर्शन पर 2.35 लाख श्रद्धालु रामलला के सूर्य तिलक के साक्षी बने। वहीं रामलला की सुबह की शृंगार व मंगला आरती का दर्शन दूरदर्शन पर रोज की अपेक्षा छह गुना भक्तों ने किया। रोजाना जहां आठ से 10 हजार श्रद्धालु आरती देखते थे वहीं जन्मोत्सव पर 71 हजार रामभक्तों ने घर बैठे आरती का दर्शन किया।