अयोध्या/मया बाजार। सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों की रील देखने का शौक एक युवक पर इस कदर हावी हुआ कि वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर लोगों को धमकाने लगा। व्हाट्सएप पर गैंगस्टर की तस्वीर लगाकर उसने अपनी पहचान बनाई और इसी के दम पर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। गाजियाबाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, अयोध्या के महाराजगंज क्षेत्र के अमौनी भोया निवासी 20 वर्षीय अंशु प्रजापति ने पूछताछ में बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी रील देखता था। इसके बाद उसने भी गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराना शुरू कर दिया।
आरोपी ने अपने मोबाइल नंबर से बिजनेस व्हाट्सएप अकाउंट बनाया था। इसकी प्रोफाइल फोटो में लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाई और विवरण में गैंग का नाम लिखा। सोशल मीडिया से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता और खुद को गैंग का सदस्य बताकर धमकी भरे संदेश भेजता था। चर्चा है कि वह नशे की हालत में भी इस तरह की हरकत करता था।
मामला 18 अक्तूबर को सामने आया, जब सिद्धार्थ विहार निवासी एक युवक के व्हाट्सएप पर ऑडियो संदेश पहुंचा। संदेश भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए युवक को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी की पहचान की। मंगलवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि अंशु प्रजापति के परिवार में माता-पिता व एक छोटा भाई है। घर से तीन वर्ष पहले दिल्ली कमाने गया था। इसके बाद पुणे में वह दो वर्ष नौकरी किया। छह माह पहले दादी के निधन पर गांव आया था। पिता देवराज मेहनत मजदूरी करके घर चलाते हैं।