अयोध्या। दलित उत्पीड़न के मामले में अदालत के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में पांच साल से अधिक की देरी पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट दीपक यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को पत्र जारी किया है। साथ ही, एसएसपी अयोध्या को थाना इनायतनगर के संबंधित थानेदारों के खिलाफ की गई कार्रवाई से अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया है।
टकसरा गांव निवासी शिवकरन ने काशी नाथ चौरसिया, जय कुमार, देवी प्रसाद, शत्रुहन और राजित राम पर जातिसूचक शब्दों से गाली देने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में गुहार लगाई थी। अदालत ने 13 जुलाई 2021 को इनायतनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर शिवकरन ने दोबारा अदालत में अर्जी दी। पुलिस ने 24 सितंबर को आख्या दाखिल कर बताया कि 22 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अदालत ने पाया कि आदेश का पालन पांच साल आठ माह एक दिन बाद किया गया। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।