शुजागंज। रौनाही तटबंध के दक्षिणी तरफ बारिश के पानी से हर वर्ष जलभराव और किसानों की खेती योग्य जमीन के बर्बाद होने की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका है। यहां के लिए प्रस्तावित पंप कैनाल बन जाता तो एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलता लेकिन ऐसा हो नहीं सका। प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से इसके निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद भी अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
इस क्षेत्र के किसानों की ओर से एक ही मांग सभी जनप्रतिनिधियों से बार-बार उठाई जाती रही है। इस समस्या को स्थायी तौर पर दूर करने के लिए विधायक रामचंद्र यादव ने 2012 के विधानसभा चुनाव में वादा भी किया था। इस पंप कैनाल के बन जाने से जैथरी, पास्ता माफी, रसूलपुर, मानपुर, सड़री, पैसया, ममरेज नगर, अख्तियापुर, मुतौवली, नकछेदपुर, पूरे अहमद अली का पुरवा, नैयापुरा के साथ सोहावल तहसील क्षेत्र के रामनगर व धौरहरा को भी फायदा मिलता।
विधायक के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार के जल शक्ति विभाग से 14 करोड़ की लागत से पंप कैनाल के निर्माण को मंजूरी भी मिल चुकी है लेकिन अब तक निर्माण नहीं शुरू हुआ। बाढ़ खंड के रौनाही तटबंध के दक्षिणी तरफ बारिश के पानी का जलभराव हो जाने से गन्ना व धान की फसल बर्बाद हो जाती है। नयापुरा गांव निवासी राघवेंद्र ने बताया कि तराई क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बारिश के पानी का जलभराव होने से हर साल फसलों की बर्बादी है।
जैतहरी गांव निवासी राम मनोज यादव का कहना है कि इस पंप कैनाल के निर्माण से हमारे गांव को सबसे ज्यादा लाभ मिलता लेकिन धन स्वीकृत होने के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। पास्ता गांव निवासी रामजीत यादव का कहना कि किस वजह से निर्माण में देरी हो रही है, यह जनप्रतिनिधि को बताना चाहिए।
विधायक रामचंद्र यादव का कहना कि यह तराई क्षेत्र की बहुत बड़ी समस्या थी। इससे कई गावों के किसानों की खेती योग्य जमीन जलभराव होने से जलमग्न हो जाती थी। मेरा प्रयास था कि इस समस्या को जल्द दूर किया जाए। सहायक अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पंप कैनाल में 10-10 क्यूसेक के चार पंप होंगे। इसका अपना फीडर होगा। बंधे के किनारे इसका निर्माण प्रस्तावित है।