अयोध्या। 71 एकड़ में फैले राम जन्मभूमि परिसर के स्वरूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। शनिवार को हुई राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में तय हुआ कि राम जन्मभूमि परिसर के 56 एकड़ में निर्माण होंगे जबकि शेष 15 एकड़ में हरियाली विकसित की जाएगी। साथ पूरे परिसर को सजाने का काम जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 71 एकड़ के राम जन्मभूमि परिसर के ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है। 2़ 77 एकड़ में राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। कुल 56 एकड़ में राममंदिर समेत अन्य मंदिर, यात्री सुविधाएं, ट्रस्ट कार्यालय, गेस्ट हाउस व म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा। जबकि शेष 15 एकड़ को हरा-भरा करने की योजना है। छोटे-छोेटे पार्क विस्तृत कर रामायणकालीन वृक्षों से परिसर को आच्छादित किया जाएगा।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र परिसर में रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की मूर्ति लगने पर मुहर लग गई है। मूर्ति का निर्माण राजस्थान में चल रहा है। नवंबर तक यह मूर्ति बनकर अयोध्या पहुंच जाएगी। साथ दूसरे तल के गर्भगृह को लेकर भी अंतिम निर्णय हो गया है। दूसरे तल पर देश की सभी भाषाओं की रामायण गर्भगृह में स्थापित की जाएगी। एक तरह से यह राम कथाओं का मंदिर होगा। इसके जरिये राष्ट्रीय एकता की भावना भी प्रदर्शित की जाएगी।
बैठक में राममंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव, राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।
इनसेट
71 एकड़ के परिसर में प्रस्तावित निर्माण
- 161 फीट ऊंचा, तीन मंजिला राममंदिर
- मंदिर के चारों ओर 800 मीटर लंबा आयताकार परकोटा
- सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, माता शबरी, अहिल्या व निषादराज समेत सात मंदिर का निर्माण
- दक्षिणी-पश्चिम भाग में जटायु राज की प्रतिमा की स्थापना
- दक्षिणी-पश्चिम भाग में ट्रस्ट कार्यालय, गेस्ट हाउस का निर्माण
- दक्षिणी भाग में संग्रहालय का निर्माण
- उत्तरी दिशा में शेषावतार मंदिर का निर्माण