अयोध्या। अचानक बदले मौसम ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सोमवार को सुबह से दोपहर करीब दो बजे तक तेज धूप रही। करीब तीन बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। शहर की सड़कों पर जलभराव, सड़क धंसने और पेड़ व बिजली के पोल गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी और कटी धान की फसल के साथ गन्ने व सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा।
शहर के नाका मुख्य मार्ग पर सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। सुभाषनगर में सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गई। मार्ग संकरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। रिकाबगंज, ऋषि टोला, महजनी टोला, हसनाकटरा और रामपथ पर भी जलभराव रहा।
बीकापुर में पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
बीकापुर/तारुन/गौराघाट। तेज हवा के कारण प्रयागराज हाईवे पर खजुरहट, बीकापुर, जलालपुर माफी, चांदपुर और बिलारी माफी समेत कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। इससे वाहनों की कतार लग गई। स्थानीय लोगों, वन विभाग और प्रशासन की टीमों ने पेड़ों की डालियां हटाकर यातायात बहाल कराया। बीकापुर-जाना बाजार, बीकापुर-इनायतनगर, जलालपुर-महावीर शाहगंज और पोछा मार्ग पर भी पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर टिनशेड उड़ गए। तेज हवा से बिजली के पोल और तार टूटने के कारण कई विद्युत फीडरों की आपूर्ति बाधित रही। तारुन में 11 हजार वोल्ट की लाइन पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। बेनी-गद्दोपुर मार्ग पर पोल गिर गया, जबकि मऊ और बिछिया में भी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई। कई गांवों में देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी।
हादसों में एक भैंस की मौत, कई घायल
बीकापुर सीएचसी के सामने जामुन के पेड़ की मोटी डाल गिरने से कई बाइक, साइकिल और एक ठेला क्षतिग्रस्त हो गया। रुकुनपुर पातूपुर में पेड़ गिरने से हरदेव का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। तोरोमाफी दराबगंज में नलकूप का छप्पर गिरने से 55 वर्षीय शिवपती कुएं में गिरकर गंभीर घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। मरुई सहाय सिंह के बढ़ई का पुरवा में पेड़ गिरने से राम तेज यादव की भैंस दबकर मर गई। मझौली में छप्पर की दीवार गिरने से कृष्ण कुमार (10) और कार्तिक (12) घायल हो गए।
ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता
शुजागंज। क्षेत्र में ओलावृष्टि से धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई। वहीं, तारुन क्षेत्र में काटकर खेत में सुखाने के लिए फैलाई गई धान की फसल बारिश में भीग गई। किसानों ने बताया कि पहले हुई बारिश और तेज हवा से खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा था। अब दोबारा बारिश होने से उनकी मुश्किल बढ़ गई है। हालांकि, पूरी तरह तैयार न हुई फसलों के लिए खेतों में नमी मिलने से कुछ लाभ की उम्मीद भी है।
51-रिकाबगंज मुख्य मार्ग पर बारिश के दौरान हुए जलभराव से होकर गुजरता छात्र।-संवाद
51-रिकाबगंज मुख्य मार्ग पर बारिश के दौरान हुए जलभराव से होकर गुजरता छात्र।-संवाद
51-रिकाबगंज मुख्य मार्ग पर बारिश के दौरान हुए जलभराव से होकर गुजरता छात्र।-संवाद
51-रिकाबगंज मुख्य मार्ग पर बारिश के दौरान हुए जलभराव से होकर गुजरता छात्र।-संवाद
51-रिकाबगंज मुख्य मार्ग पर बारिश के दौरान हुए जलभराव से होकर गुजरता छात्र।-संवाद