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Ayodhya News: धूल साफ की, डामर संग बिछाई गिट्टी, चलाया रोलर और बन गई सड़क

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आदर्श शुक्ल
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अयोध्या। आप भी यह जानकर हैैरत में पड़ जाएंगे, सिर्फ धूल साफ की, डामर (चारकोल) डालकर गिट्टी बिछाई, उस पर रोलर चलाया और सड़क बनकर तैयार हो गई। जी हां, शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्ततम रिकाबगंज-चौक-रीडगंज मार्ग की सूरत सिर्फ तीन रात में कुछ इसी तरह बदली गई है। अब यह कब तक चलने लायक रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। फिलहाल पीडब्ल्यूडी ने यह सफाई पेश की है कि सड़क का नवनिर्माण नहीं, सिर्फ नवीनीकरण किया है। यह अलग बात है कि 1.3 किमी के इस काम पर 25 लाख रुपये खर्च हो गए।

सहादतगंज से नयाघाट तक रामपथ बनकर तैयार हो जाने के बाद रिकाबगंज से शहर के ह्रदय स्थल चौक होते हुए रीडगंज तक का मार्ग बेहद खस्ताहाल में था। इस बीच अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाए जाने के दौरान जगह-जगह की गई खोदाई से यह सड़क चलने लायक भी नहीं बची। इस बीच लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने इसकी सुधि ली और तीन दिन पहले इसे बनाने का काम शुरू किया। रिकाबंगज से शुरू हुआ काम सिर्फ रात में किया जा रहा था। ऐसा इसलिए कि दिन में इस रोड पर ट्रैफिक का बहुत ज्यादा दबाव होता है।
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इस सड़क के निर्माण की गति का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ तीन रातों में रिकाबंगज से रीडगंज होते हुए राम पथ तक का काम पूरा हो गया। वह भी दोनों लेन में, कुछ हिस्सों में ही थोड़ा-बहुत काम बचा है। इस सड़क को बनाने का काम कैसे हुआ, जरा इसे भी समझिए। पहले एक एयर प्रेशर मशीन से सड़क की धूल को साफ किया गया। फिर उस पर डामर (चारकोल) की हल्की परत डालने के बाद गिट्टी बिछा दी गई। इसके बाद रोलर चला दिया, बस सड़क बनकर तैयार हो गई। इस मार्ग के किनारे रहने वाले जिस किसी ने भी रात में इस तरह काम होते देखा, उसने एक-दूसरे से यही चर्चा की कि पता नहीं कब तक यह सड़क चलने लायक रहेगी।
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सिर्फ धूल साफ करना उचित नहीं, ठेकेदार से करेंगे जवाब-तलब : अधीक्षण अभियंता

फिलहाल इस बारे में जब पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता वीके तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सड़क का नवनिर्माण नहीं, नवीनीकरण हो रहा है। इसे सामान्य मरम्मत का हिस्सा समझ सकते हैं। इसमें सिर्फ ढ़ाई सेमी मोटी मैटेरियल की लेयर डाली जाती है। विभागीय बोलचाल की भाषा में इसे बीसी का काम कहा जाता है। फिर उन्होंने यह भी कहा कि गिट्टी बिछाने के पहले सड़क के सरफेस की ठीक तरह से सफाई होनी चाहिए। सिर्फ धूल साफ किया जाना उचित नहीं है, यह ठेकेदार की गलती है। इस पर जवाब-तलब किया जाएगा।
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