रामलला का दर्शन-पूजन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार के अयोध्या दौरे के दौरान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने चर्चाओं को जन्म दे दिया। रामलला के दर्शन-पूजन के समय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की जगह ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने मुख्यमंत्री को दर्शन-पूजन कराया। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र व गोपाल राव भी दूर रहे।
अब तक सीएम जब भी राम मंदिर पहुंचे हैं उन्हें दर्शन-पूजन कराने का जिम्मा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र व गोपाल राव ही संभालते रहे। इस बार राम मंदिर प्रकरण में एसआईटी जांच के चलते ये सभी सीएम योगी से दूर रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामलला के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की, लेकिन इस दौरान ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी और मंदिर की व्यवस्थाओं का चेहरा माने जाने वाले चंपत राय कार्यक्रम से दूर नजर आए।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी तथा गोसाईंगंज विधायक अभय सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री इससे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। हनुमानगढ़ी में उन्होंने संत-महात्माओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जाना। महंत हेमंत दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री अचानक दिगंबर अखाड़ा भी पहुंचे और महंत सुरेश दास का हालचाल लिया। महंत रामलखन दास ने उनका अभिनंदन किया।