रुदौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली में करीब 15 दिन से सिजेरियन प्रसव सेवा प्रभावित है। महिला चिकित्सक के न होने से जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इससे गर्भवती के साथ उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है।
सीएचसी में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. फातिमा हसन रिजवी करीब 15 दिनों से अस्पताल नहीं आ रही हैं। उनकी अनुपस्थिति का असर 16 सितंबर को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर भी पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवींद्र शुक्ला ने बताया कि डॉ. फातिमा ने निजी समस्या के चलते अस्पताल आने में असमर्थता जताई है। इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई है। साथ ही महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग की गई है।
महिला डॉक्टर के न होने से सीएचसी में सिजेरियन प्रसव नियमित नहीं हो पा रहा है। गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाने में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। किला चौकी पीएचसी से रंजीता गौतम की ड्यूटी सीएचसी में लगाई गई है, लेकिन इसके बावजूद सेवा सुचारु नहीं हो सकी है। आशा कार्यकर्ता गायत्री और सलमा बानो ने भी समस्या की पुष्टि की है।