अयोध्या। बोगस फर्म के सहारे इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ऐंठते हुए स्टेट जीएसटी को 6.43 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में केस दर्ज हुआ है। विभाग की सहायक आयुक्त ने 27 जून को प्रयागराज निवासी राहुल विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए एसएसपी को शिकायती पत्र दिया था। जांचोपरांत एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हुई है।
दर्ज एफआईआर में राज्य कर विभाग की सहायक आयुक्त वंदना सिंह ने बताया कि प्रयागराज के बरौत, अवसानपुर निवासी राहुल विश्वकर्मा ने 25 अक्तूबर, 2024 को जीएसटी पंजीयन लिया था। रिकाबगंज स्थित बल्लाहाता में रेडीमेड कपड़ों के लिए फर्म संचालन दिखाकर वह लोहे का कारोबार कर रहा था। पंजीयन के समय से ही इस फर्म से सामानों की आवक आपूर्ति (इनवर्ड सप्लाई) के बिना जावक आपूर्ति (आउटवर्ड सप्लाई) दर्शाते हुए आईटीसी पास-ऑन (आगे बढ़ाना) की जा रही थी।
संदेह होने पर फर्म का भौतिक सत्यापन किया गया तो फर्म अस्तित्व विहीन मिली। इसके बाद फर्म का पंजीयन निरस्त कर दिया गया। जांच में पता चला कि फर्म संचालक ने कूटरचित प्रपत्रों के सहारे पंजीयन लिया था। फर्म संचालक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिसंबर, 2024 से मार्च, 2025 तक बिना किसी वास्तविक कारोबार के 35.75 करोड़ की सप्लाई घोषित कर दी। तीन अलग-अलग फर्मों को आईटीसी पास-ऑन करके सरकार को 6.43 करोड़ की चपत लगाई।
प्रभारी निरीक्षक अश्विनी पांडेय ने बताया कि सहायक आयुक्त की तहरीर पर आरोपी राहुल विश्वकर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके जांच कराई जा रही है।