मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी विभाग में मौजूद डॉ. धीरेंद्र सचान।
अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोग ओपीडी अयोध्या समेत आसपास के जिले के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले करीब आठ माह में यहां लगभग 350 लोगों की कीमोथेरेपी हुई है, जिससे उन्हें लखनऊ-दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का चक्कर काटने से निजात मिली है।
वर्ष 2019 में मेडिकल कॉलेज दर्शननगर की स्थापना हुई है। इसके बाद से ही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। अक्तूबर 2025 में यहां ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. धीरेंद्र सचान की तैनाती होने के बाद कैंसर की ओपीडी शुरू हुई। नए भवन के कमरा नंबर 109 में संचालित ओपीडी में मरीजों को परामर्श और उपचार के साथ कीमोथेरेपी की सुविधा भी मिल रही है।
कीमोथेरेपी कई चरणों में होने के कारण स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मरीजों के लिए विशेष राहत वाली है। आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर से अब तक कैंसर ओपीडी में 1950 मरीज पहुंचे। इनमें 750 नए मरीज रहे। इस अवधि में 350 मरीजों की कीमोथेरेपी की गई। इससे दूर के शहरों की यात्रा, आने-जाने का खर्च और हर बार तीमारदार के साथ रहने की परेशानी भी कम हुई है।
इस तरह मिली रोगियों को राहत
अंबेडकरनगर निवासी कलावती (70) को वर्ष 2017 में स्तन कैंसर का पता चला था। उन्होंने केजीएमयू लखनऊ में उपचार कराया और 2018 में इलाज पूरा हो गया था। वर्ष 2025 में बीमारी दोबारा उभरने के बाद उन्होंने करीब चार-पांच महीने पहले दर्शननगर मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में उपचार शुरू कराया। चिकित्सक के अनुसार अब उनकी लक्षणात्मक स्थिति में सुधार है।
बस्ती निवासी उत्कर्ष (17) हॉजकिन लिंफोमा कैंसर से पीड़ित थे। पिछले करीब चार महीने से मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में उनकी कीमोथेरेपी चल रही है। डॉ. धीरेंद्र सचान ने बताया कि अब मरीज क्लीनिकल और रेडियोलॉजिकल रूप से रोग मुक्त हो गए हैं। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया ने बताया कि कैंसर संबंधी सेवाओं में विस्तार की तैयारी है। इसे लेकर शासन स्तर पर लिखा-पढ़ी की जाएगी।