अयोध्या-गोरखुपर हाईवे स्थित होटल में बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का तिलक
अयोध्या। राम मंदिर के दान एवं चढ़ावा प्रकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे। मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि वह शुक्रवार को राम मंदिर जाकर रामलला के दर्शन करेंगे और भगवान राम के समक्ष न्याय की प्रार्थना करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान के घर में डाका डाला गया है। भगवान की पादुका, माला, गहने और चढ़ावा तक चोरी कर ली गई। इससे उनका मन बहुत विचलित है। एसआईटी केवल लीपापोती का प्रयास कर रही है और बड़े लोगों को बचाने के लिए जांच की जा रही है।
उनके साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी मौजूद रहे। राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की गतिविधियों के बीच केजरीवाल के दौरे ने रामनगरी के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। जब उनसे पूछा गया कि रामलला के दर्शन के दौरान वह क्या मांगेंगे, तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब वह शुक्रवार को दर्शन के बाद देंगे। राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर केजरीवाल ने एसआईटी जांच पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि बिना एफआईआर दर्ज किए एसआईटी का गठन कानूनसम्मत नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को सामने आए 18 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
उधर, केजरीवाल के अयोध्या आगमन को लेकर रामनगरी के संत समाज के एक वर्ग ने विरोध दर्ज कराया है। जगद्गुरु परमहंसाचार्य और हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने वीडियो संदेश जारी कर उनके दौरे पर आपत्ति जताई। बुधवार को पंडा समाज ने भी उनके विरोध में ज्ञापन सौंपकर नाराजगी व्यक्त की थी। शुक्रवार को रामलला दर्शन के बाद केजरीवाल के बयान और कार्यक्रमों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।