अयोध्या। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1558.68 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी बजट को मंजूरी दी है। इस बजट के साथ ही, प्राधिकरण ने नए भवनों के निर्माण में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली को अनिवार्य करने का भी कड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
एडीए के अनुसार, शहर में भूजल का गिरता स्तर एक गंभीर चिंता का विषय है। इस समस्या से निपटने के लिए, अब भवन मानचित्र की स्वीकृति प्राप्त करते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना का प्रावधान दिखाना अनिवार्य होगा। यह नियम विशेष रूप से बड़े भवनों, व्यावसायिक परिसरों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी इमारतों पर लागू होगा। इन संस्थानों में यदि यह व्यवस्था नहीं पाई जाती है, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय प्राधिकरण की 90वीं बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
केवल जल संरक्षण ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। नए भवनों के निर्माण के साथ-साथ, अब प्रत्येक भवन में कम से कम एक पेड़ लगाना भी अनिवार्य किया गया है। यह कदम शहर को हरा-भरा बनाने और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। प्राधिकरण पुराने भवनों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अपनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण तकनीक को अपना सकें।
आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य
प्राधिकरण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रस्तुत आय-व्यय बजट को बोर्ड ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यापक बजट से शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी और अयोध्या को एक व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सकेगा। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा सड़कों, सीवरेज, पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं के उन्नयन और विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
इस बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त राजेश कुमार ने प्राधिकरण सभागार में की। बैठक में जिलाधिकारी निखिल फुंडे, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष अनुराज जैन सहित प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।