अयोध्या। अयोध्या में भक्तों की भीड़ उमड़ने की वजह से भाजपा की बृहस्पतिवार से प्रस्तावित राम दर्शन यात्रा शुरू नहीं हो सकी। अब दो से तीन दिन बाद यहां की स्थितियों का आकलन कर पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा। अब आस्था स्पेशल ट्रेनों से इस यात्रा के माध्यम से प्रांतवार श्रद्धालुओं का आगमन 30 जनवरी से शुरू होगा।
भाजपा की राम दर्शन यात्रा में देशभर से भक्तों का आगमन दो तरह से होना है। पहला बस और अन्य चार पहिया वाहनों से और दूसरा आस्था स्पेशल ट्रेनों से। सड़क मार्ग से बस व अन्य वाहनों से रामभक्तों का आगमन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 जनवरी से होना था। प्राण प्रतिष्ठा के अगले दिन लाखों भक्तों की भीड़ यहां पर उमड़ने के बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे टाल दिया। शीर्ष नेतृत्व ने इस बारे में स्थानीय पदाधिकरियों से रिपोर्ट मांगी। यहां के हालात का एक दिन पहले ही राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने खुद आकर जायजा भी लिया। इसके बाद यात्रा की तिथि को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
राम दर्शन यात्रा की व्यवस्था से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि स्थगित की गई यात्रा के बारे में दो से तीन दिन में निर्णय कर लिया जाएगा। अभी भी दो से तीन लाख श्रद्धालु रोज अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यात्रा के माध्यम से और रामभक्तों के पहुंचने से व्यवस्था संबधी समस्या हो सकती है। उधर आस्था स्पेशल ट्रेनों से रामभक्तों को लाए जाने के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेनों से इनका आना 30 जनवरी से शुरू होगा। इस बीच 27 जनवरी को राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल अयोध्या आकर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।