अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान किया। समारोह में उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले पोषाहार की व्यवस्था पर शराब माफिया का प्रभाव था। उसकी पहुंच इतनी थी कि वह किसी भी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता था और उसके सामने कोई बोल नहीं पाता था। इसका परिणाम यह था कि आंगनबाड़ी केंद्र अस्त-व्यस्त रहते थे और समय से पोषाहार नहीं मिलता था। गलती कोई करता था, लेकिन खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पेयजल तक उपलब्ध नहीं था। केंद्र सरकार धन देती थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से खरीद नहीं की जाती थी और जहां खरीद होती थी, वहां पैसा माफिया के हाथ में चला जाता था। आंगनबाड़ी केंद्र वीरान पड़े रहते थे और कार्यकर्ता चाहकर भी काम नहीं कर पाते थे। योगी ने कहा कि नौ वर्षों में सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप देने का काम किया है।
काशी से होगी पोषण माह की शुरुआत
समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने बताया कि नौ सिंतबर से पूरे प्रदेश में पोषण माह की शुरुआत होने जा रही है। इस अभियान का शुभारंभ नौ सितंबर को काशी यानी वाराणसी से होगा।
यशोदा मइया की तरह जिम्मेदारी निभा रहीं बहनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आंगनबाड़ी से जुड़ी बहनें द्वापर युग में यशोदा मइया की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे का मां के बाद सबसे पहले संवाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से होता है। इसलिए बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कल से पोषण माह शुरू हो रहा है। सरकार चाहती है कि आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट दिखाई दें और इस बदलाव की घोषणा डंके की चोट पर की जा सके। इसी उद्देश्य से अयोध्या में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
प्रभारी मंत्री ने गिनाया आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अहम योगदान है। पोषण के माध्यम से कुपोषण दूर करने और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव रखने में उनकी भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में व्यापक काम किया है।
पोषण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया
बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जताई है। पोषण का संदेश केवल आंगनबाड़ी केंद्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा पर ध्यान देकर बच्चों को स्वस्थ और शिक्षित नागरिक बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य रोली सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान, गोसाईंगंज विधायक अभय सिंह, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी सहित अन्य की मौजूदगी रही।