अयोध्या। अवैध रूप से शारीरिक संबंध कायम करने के बाद शादी करने से इन्कार करते हुए आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोपी नदीम खान उर्फ राजू की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी शिवानी जायसवाल ने खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष से एडीजीसी नरसिंह नारायण उपाध्याय के मुताबिक घटना 29 मार्च 2024 की है। थाना रौनाही के कटरौली गांव निवासी राम मोहन की पुत्री कुसुम का विवाह कुंदुरखा खुर्द निवासी मनीष पुत्र रंगई लाल के साथ हुआ था। 29 मार्च को कुसुम के पति ने फोन किया कि उसकी पुत्री ने जहर खा लिया है, अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पिता की तहरीर पर ससुराल पक्ष के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमा की विवेचना के दौरान आईपीएस अधिकारी/ क्षेत्राधिकारी सदर अरुण कुमार सिंह ने घटना का पर्दाफाश करते हुए थाना रौनाही के निमैचा गांव निवासी नदीम खान उर्फ राजू पुत्र स्वर्गीय जमील खान को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी पाया। सबूत के आधार पर अभियुक्त नदीम को आत्महत्या के लिए उकसाने व एससी एसटी एक्ट में नामजद किया गया। न्यायाधीश ने तथ्यों, परिस्थितियों व घटना को गंभीर प्रकृति का मानते हुए अभियुक्त नदीम खान की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।