अयोध्या। खेत से वापस आ रहे युवक को चार पहिया वाहन में जबरन बैठाकर मारपीट करने, हाथ पैर की हड्डी तोड़ देने सहित कई गंभीर मामलों में आरोपी अखिलेश के तर्क अदालत में काम नहीं आए। जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
आरोपी अखिलेश यादव ने अग्रिम जमानत की मांग करते हुए तर्क दिया कि वह बेकसूर है। उसे फर्जी फंसाया गया है। लवकुश के परिवार से पुरानी रंजिश है इसीलिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। वही अभियोजन पक्ष ने आरोपी की अग्रिम जमानत का प्रबल विरोध किया। अभियोजन के अनुसार घटना थाना पूरा कलंदर के भदोखर गांव की है। बीते 30 जुलाई की सुबह लवकुश अपने धान के खेत को देखकर मोटर साइकिल से वापस घर आ रहा था।
तभी रास्ते में अखिलेश,सहजराम, बाबू राम व दीपांशु ने लवकुश को पकड़ लिया। उसके मुंह में पिस्टल लगा दिया और अपने चार पहिया वाहन में बैठा लिया। गांव से बाहर एक भट्ठे के पास लोहे की रॉड, सरिया, लाठी-डंडे से मारकर लवकुश के हाथ पैर की हड्डी तोड़ दी गई। मौके से उसकी मोटर साइकिल,मोबाइल व गले में पहनी सोने की चैन भी गायब मिली। राहगीरों की सूचना पर आई 112 नंबर की पुलिस अस्पताल ले गई। आरोपियों अखिलेश यादव, सहज राम, बाबूराम व दीपांशु के खिलाफ थाना पूरा कलंदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। -संवाद