रुदौली। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय कर्मचारियों की कमी और किराये के भवन में संचालन के कारण समस्याओं से जूझ रहा है। अस्पताल में 11 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स और एक स्वीपर ही तैनात हैं। फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के पद रिक्त होने से व्यवस्थाएं प्रभावित हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 60 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। फार्मासिस्ट न होने के कारण चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार को दवा वितरण का काम भी संभालना पड़ रहा है। फार्मासिस्ट के दो पदों में से एक कर्मचारी का स्थानांतरण हो चुका है, जबकि दूसरा पद रिक्त है। इसी तरह दो वार्ड बॉय में से एक का अंबेडकरनगर स्थानांतरण हो गया है और दूसरा पद खाली है।
चिकित्सकों के दो स्वीकृत पदों में डॉ. सुरेश कुमार तैनात हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक गिरिजेश्वर उपाध्याय को अयोध्या से संबद्ध किया गया है। अस्पताल करीब 25 वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रहा है।
स्टाफ की कमी से काम प्रभावित
तीन स्टाफ नर्स के पदों में से संतोष को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज मंझनपुर से संबद्ध किया गया है। ज्योति मिश्रा मंगलवार को अवकाश पर थीं, जबकि एक पद रिक्त है। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। पर्याप्त स्टाफ मिलने पर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल की व्यवस्थाएं भी सुचारु की जा सकेंगी। सरैठा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें आयुर्वेदिक उपचार से लाभ मिलता है, इसलिए वह नियमित रूप से यहां उपचार के लिए आते हैं।