रामलला के आभूषणों का हिसाब-किताब रखने वाले केडी तिवारी और वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए प्रसाद की व्यवस्था देखने वाले बजरंग पाठक पर कार्रवाई की गई है। उन्हें व्यवस्था से हटा दिया गया है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव का दौर जारी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र के दो और करीबियों को राम मंदिर की व्यवस्था से हटा दिया गया है।
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हटाए गए केडी तिवारी उर्फ बड़े बाबू रामलला के आभूषणों के साथ श्रद्धालुओं की ओर से समर्पित मूल्यवान वस्तुओं का हिसाब-किताब रखते थे। हटाए गए बजरंग पाठक वीआईपी दर्शनार्थियों को प्रसाद, अंगवस्त्र आदि भेंट करने की व्यवस्था देखते थे।
दोनों को अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने पहले शिकायत के आधार पर नोटिस दिया और बाद में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया। बताया जा रहा है कि दोनों की विदाई राम मंदिर में तैनात महिला क्षेत्राधिकारी की शिकायत के बाद हुई।
क्षेत्राधिकारी के कुछ अतिथियों के दर्शन के दौरान प्रसाद आदि की व्यवस्था को लेकर बजरंग पाठक से विवाद हुआ था। इसकी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई। दोनों मंगलवार से राम मंदिर में प्रवेश नहीं कर रहे हैं।