प्रयागराज में महाकुंभ स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है। रविवार से ही समूची रामनगरी श्रद्धालुओं से पटी है। भीड़ ने रामनगरी समेत जिले भर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त कर दी है। हाईवे व प्रमुख मार्गों समेत जुड़वा शहर के गली-कूचे तक भीषण जाम है, जिसे व्यवस्थित करने में संसाधन भी कम पड़ रहे हैं और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
वीकेंड के समय रामनगरी में यूं तो हर समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन रविवार को पिछले सारे रिकॉर्ड मानो टूट गए। सुल्तानपुर हाईवे से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा तो इसका असर दोपहर तक पूरे जिले में दिखने लगा। सुल्तानपुर हाईवे से नाका अंडरपास तक कई किलोमीटर तक जाम लग गया। किसी तरह लोग अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर पहुंचे, लेकिन यहां भी जाम से छुटकारा नहीं मिला। सहादतगंज की तरफ से लोगों ने रामपथ की ओर रुख किया तो उदया चौराहा के आगे जाने की अनुमति नहीं मिली।
बेनीगंज चौराहे से जाम शुरू हो गया। लोगों को पुलिस ने उदया ओवरब्रिज से चूड़ामणि चौराहे की ओर डायवर्ट किया तो ओवरब्रिज उतरते ही फिर से भीषण जाम दिखा। देश के कोने-कोने से रामलला का दर्शन करने पहुंचे लोगों के वाहन रेंगते हुए किसी तरह चूड़ामणि चौराहे तक पहुंचे। महोबरा ओवरब्रिज की ओर लोग चल पड़े, लेकिन जाम से यहां भी निजात नहीं मिली। साकेत पेट्रोल पंप तक जाम का सिलसिला हाईवे पर भी जारी रहा और लोग समस्याओं से जूझते हुए किसी तरह रवाना हुए। रविवार रात से सोमवार को दिन भर यही सिलसिला हर तरफ जारी रहा। लोग जाम के दर्द से कराहते रहे।
नाका अंडरपास के तरफ रविवार की दोपहर से ही लगे भीषण जाम से एयरपोर्ट व मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने के लिए लोगों को नाको चने चबाने पड़े। नाका चुंगी होकर शहर तक लोगों को संपर्क लगभग टूट सा गया। प्रमुख मार्गों पर जाम से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक रास्ता चुना तो वहां भी जाम ने सभी प्लानिंग फेल कर दी। इस वजह से साकेतपुरी कॉलोनी, देवकाली से कोरखाना मार्ग, देवकाली ओवरब्रिज से धनीराम का पुरवा, नील विहार कॉलोनी आदि इलाकों की गलियां भी वाहनों से पटी रहीं।