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Ayodhya: हर हफ्ते होती है राम मंदिर निर्माण कार्यों की समीक्षा, लिया जाता है निर्माण कार्यों का अपडेट

Sun, 24 May 2026 07:33 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

ऑनलाइन बैठकों के अलावा निर्माण समिति अध्यक्षहर माह कम से कम एक बार अयोध्या पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण भी करते हैं। ट्रस्ट की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा और गुणवत्ता के अनुरूप पूरे हों, इसके लिए हर सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र प्रत्येक शनिवार को दिल्ली से ऑनलाइन बैठक कर निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हैं। इस बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारी, निर्माण समिति के सदस्य, इंजीनियर और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होते हैं।

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बैठक में मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, पत्थर शिल्प, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा होती है। निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की भी बारीकी से समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में बीते शनिवार को भी नृपेंद्र मिश्र ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ऑनलाइन जुड़े।

ऑनलाइन बैठकों के अलावा निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र हर माह कम से कम एक बार अयोध्या पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण भी करते हैं। इस दौरान वे निर्माण स्थल पर अधिकारियों और अभियंताओं के साथ बैठक कर कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं।
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राम मंदिर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और ट्रस्ट की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। राम मंदिर निर्माण की कार्यदायी संस्थाएं एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी जून के अंत तक वापस चली जाएंगी। हालांकि दोनों कंपनियों की एक छोटी यूनिट तीन वर्षों तक मंदिर परिसर में तैनात रहेगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखेगी।
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