प्राण प्रतिष्ठा में होंगे 12 अधिवास
- 16 जनवरी- प्रायश्चित, कर्मकुटी पूजन
- 17 जनवरी- मूर्ति का परिसर प्रवेश
- 18 जनवरी - तीर्थपूजन एवं जलयात्रा, जलाधिवास व गंधाधिवास
- 19 जनवरी- औषधाधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास और धान्याधिवास
- 20 जनवरी- शर्कराधिवास, फलाधिवास, पुष्पाधिवास
- 21 जनवरी- मध्याधिवास, सायंकाल शैय्याधिवास
योगीराज की बनाई मूर्ति होगी स्थापित
चंपत राय ने बताया कि मैसूरू के शिल्पकार अरुण योगीराज की बनाई प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित करने के लिए चुनी गई है। नई प्रतिमा श्याम शिला से निर्मित है और इसका वजन 150 से 200 किलो के बीच है। मूर्ति में प्रभु राम को पांच वर्षीय बालक के रूप में दर्शाया गया है।
25 वाद्ययंत्रों से मंगल ध्वनि गूंजेगी
राय ने बताया, प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंगल ध्वनि गुंजायमान होगी। विभिन्न राज्यों के 25 प्रमुख और दुर्लभ वाद्ययंत्रों के मंगल वादन से अयोध्या में यह प्रतिष्ठा महोत्सव होगा।
20-21 जनवरी को बंद रहेंगे दर्शन
20-21 जनवरी को श्रद्धालु श्रीराम लला के दर्शन नहीं कर सकेंगे। 23 से नए विग्रह के दर्शन आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। दुनिया के 50 देशों से 53 लोग आमंत्रित किए गए हैं।