- राम मंदिर से पहले रामनगरी के पांच अन्य धर्मस्थलों को ''भोग'' प्रमाणपत्र मिल चुका है। मानिक चंद ने बताया कि इससे पहले हनुमानगढ़ी, जैन मंदिर रायगंज, गुरुद्वारा नजरबाग और कनक भवन के प्रसाद को भी शुद्धता का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। राम मंदिर के प्रसाद को प्रमाणपत्र अब तक इसलिए नहीं मिला था कि क्योंकि राम लला का प्रसाद बाहर से आता था, अब खुद की रसोई में तैयार होता है। इसलिए अब प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
सीता रसोई के स्टॉफ में वृद्धि
- सीता रसोई के स्टॉफ यानी रसोइया और कोठारी की संख्या अब बढ़कर छह हो गई है। अभी तक रामलला का प्रसाद बनाने के लिए एक रसोइया व दो कोठारी की नियुक्ति थी, लेकिन जब से रामलला की खुद की रसोई बनकर तैयार हुई तब यह संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। भेाग प्रसाद के लिए तीन रसोइया और तीन कोठारी की नियुक्ति की गई है।