राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दानपेटियों और चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने चढ़ावा संग्रह, सुरक्षा और बैंक में जमा कराने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने रामलला के गर्भगृह में रखी दान पेटियां भी देखीं। मिश्र ने जांच के लिए गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में जांच समिति गठित कर दी। समिति की संस्तुतियां का क्रियान्वयन किया जाएगा।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता कर राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला सामान्य वित्तीय गड़बड़ी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जाए। साथ ही ट्रस्ट को भंग कर सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को पदों से हटाया जाए।
राम मंदिर के दान से जुड़े प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव शुरू हो गया है। इसी क्रम में ट्रस्ट कार्यालय में नया उच्च सुरक्षा वाला लॉकर लगाया गया है। इसका उद्देश्य दानपेटियों से प्राप्त नकदी, बहुमूल्य आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपनी देखरेख में नए लॉकर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थापित करवाया है।