मुख्यमंत्री ने अयोध्या को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कोई न कोई मंथरा आकर फिर कुछ न कुछ गुल खिलाने का काम करने लगती है और यही कुछ अयोध्या के साथ फिर से हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या को निशाना बनाकर केवल राम जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
योगी ने विपक्षी नेताओं को निशाने पर लेते हुए उन्हें कालनेमी बताया। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों के विरोध में खड़े होकर लाठी-गोली चलाने में संकोच नहीं किया और उच्चतम न्यायालय में भी राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला न आने देने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
उन्होंने कहा कि आज वही लोग राम-राम जपते हुए लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इन कालनेमियों को पहचानना होगा।
हनुमान मंदिर में विपक्षी नेताओं के पहुंचने का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि बजरंगबली से ज्यादा इन “कालनेमियों” को कौन पहचान सकता है। उन्होंने कहा कि राम और बजरंगबली की भक्ति का दावा करने वालों को उनके आचरण से पहचानना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निशाना सनातन धर्म है, निशाना अयोध्या धाम है और निशाना श्रीराम जन्मभूमि है।”उन्होंने रामभक्तों से ऐसे लोगों को पहचानने और उनके प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
अयोध्या में साध्वी ऋतंबरा।
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दिगंबर अखाड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ तीन प्रमुख संकल्प हैं। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्मभूमि हमें मिले, काशी विश्वनाथ में नंदी की तपस्या पूरी हो और परमहंस का संकल्प भी पूरा हो। साध्वी ने कहा कि जब हम इन संकल्पों को दिल से लेकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता जल्द मिलेगी। उन्होंने लोगों से इन संकल्पों के प्रति समर्पित होकर एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।