नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 25 नवंबर के समारोह के दौरान सिर्फ आमंत्रित मेहमानों को दर्शन का मौका मिलेगा। इसमें लगभग आठ हजार लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के समय मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं होगी। अगले दिन से श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। मिश्र ने कहा, क्या श्रद्धालु सभी क्षेत्रों में बिना सुरक्षा जांच के स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे, इस पर ट्रस्ट विचार कर रहा है। मेरा निरंतर प्रयास है कि यहां बनने वाली हर चीज श्रद्धालुओं को समर्पित हो।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि परिसर के चारों ओर बन रहे 800 मीटर लंबे परकोटा का निर्माण का पूरा हो चुका है। रैंप बन कर तैयार हो गया है। इस दौरान चार से छह नए स्थान निकले हैं, जहां पर कांस्य के रामकथा आधारित म्यूरल लगाए जा रहे हैं। रेलिंग का काम भी चल रहा है। पांच नवंबर तक यह सभी काम भी पूरे हो जाएंगे।